
शुक्रवार को राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने सिख दंगा मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर पर हत्या का आरोप तय कर दिया। अब उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा चलेगा। हालांकि, टाइटलर ने इन आरोपों को खारिज किया है। इस मामले की सुनवाई 3 अक्टूबर से शुरू होगी, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
टाइटलर पर आरोप है कि 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्होंने भीड़ को सिखों के खिलाफ हिंसा करने के लिए उकसाया था। अगस्त में अदालत ने कहा था कि टाइटलर के खिलाफ इस मामले में पर्याप्त सबूत हैं। गवाहों ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने लोगों को सिखों की हत्या और उनकी संपत्ति लूटने के लिए उकसाया।
पीड़ितों के वकील एचएस फूलका ने कहा कि इस मामले को अदालत तक पहुंचने में 40 साल लगे, लेकिन अब उम्मीद है कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा। उनका कहना है कि टाइटलर का मामला सज्जन कुमार की तरह जल्द निपट सकता है और वह जेल जा सकते हैं।
इस मामले से कांग्रेस पार्टी की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। टाइटलर पर आरोप है कि उन्होंने इंदिरा गांधी की हत्या का बदला लेने के लिए भीड़ को सिखों के खिलाफ हिंसा के लिए भड़काया। अदालत के फैसले से कांग्रेस की छवि पर असर पड़ सकता है, खासकर जब हाल ही में राहुल गांधी के सिख समुदाय पर दिए गए बयान से विवाद खड़ा हुआ था।
शुक्रवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नेता प्रताप सिंह बाजवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑपरेशन ब्लू स्टार के लिए भाजपा से माफी की मांग की, लेकिन अदालत के फैसले के बाद सिख दंगों में कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठने तय हैं। भाजपा इस मामले का इस्तेमाल कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर आक्रामक अभियान चला सकती है।






