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शिवसेना के सिंबल पर ECI के फैसले के बाद शिंदे गुट पर भड़के आदित्य ठाकरे, एकनाथ शिंदे-उद्धव ठाकरे से छिना शिवसेना का साया

महाराष्ट्र में ठाकरे गुट और शिंदे गुट के बीच चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही लड़ाई पर चुनाव आयोग ने फैसला सुना दिया है. चुनाव आयोग ने दोनों गुटों पर पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह तीर-कमान के उपयोग पर पाबंदी लगा दिया है. इसके बाद से ही ठाकरे गुट से इसके खिलाफ आवाज उठने लगी है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के गुट ने इस फैसले को अन्याय बताया है. दरअसल, जून में शिवसेना के दो हिस्से हो गए थे, जिसमें एक गुट उद्धव ठाकरे के साथ और दूसरा गुट एकनाथ शिंदे के साथ हो गया था. इसके बाद दोनों गुटों में खुद को असली शिवसेना बताने होड़ लगी थी. साथ ही साथ दोनों पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपनी दावेदारी कर रहे थे. चुनाव आयोग के फैसले से ये घमासान जरूर खत्म हुआ है लेकिन सवाल है कि क्या ठाकरे इसे स्वीकार कर पाएंगे?

आदित्य ने कहा कि गद्दारों ने शिवसेना के नाम और सिंबल को फ्रीज करवाने का नीचता से भरा जो काम किया है, महाराष्ट्र की जनता उसे बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘खोके वाले (भ्रष्ट) गद्दारों ने आज शिवसेना के नाम और सिंबल को फ्रीज करवाने का नीचता और निर्लज्जता से भरा काम किया है. महाराष्ट्र की जनता इसे सहन नहीं करेगी. हम लड़ेंगे और जीतेंगे! हम सत्य के साथ हैं! सत्यमेव जयते!’ बता दें कि बगावत के बाद से उद्धव गुट के नेता शिंदे गुट के नेताओं को गद्दार कहते हैं.

ठाकरे के वफादार महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अम्बादास दानवे ने कहा कि निर्वाचन आयोग को उपचुनाव के लिए अंतरिम आदेश जारी करने के स्थान पर समेकित फैसला लेना चाहिए था. उन्होंने पीटीआई/भाषा से कहा, ‘यह अन्याय है.’

भाषा के अनुसार, शिवसेना के नेता व पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद शिंदे गुट पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट किया, ‘खोखेवाले गद्दारों के शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज कराने की शर्मनाक हरकत की है.’ उन्होंने कहा, ‘हम लड़ेंगे और जीतेंगे. हम सच के साथ हैं. सत्यमेव जयते!’ आदित्य ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर हरिबंश राय बच्चन की प्रसिद्ध कविता ‘अग्निपथ’ भी पोस्ट की है.

शिंदे कैंप भी सक्रिय

माना जा रहा है कि पार्टी का नाम और चिह्न मिलने की उम्मीद लगाए शिंदे गुट को भी आयोग के फैसले से झटका लगा है. शनिवार को गुट ने कहा कि वे कानूनी सलाह लेंगे. दोनों गुटों ने रविवार को समर्थकों की बैठक बुलाई है. स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने कहा, ‘हम बालासाहब के असली शिवसेना हैं और हमारा दावा धनुष और बाण चिह्न पर है. हम चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखेंगे और भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा.’ उन्होंने दावा किया है कि 70 प्रतिशत से ज्यादा शिवसैनिक शिंदे के साथ हैं.

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