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Chhattisgarh Politics: छत्‍तीसगढ़ बीजेपी में बदलाव की बयार, हो सकता है नए नेता प्रत‍िपक्ष पर फैसला

Chhattisgarh Politics: बीजेपी के नए क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल के बनने के बाद छत्‍तीसगढ़ में राजनीत‍िक कसावट तेज हो गई है. म‍िशन 2023 को लेकर छत्‍तीसगढ़ में बीजेपी नई उर्जा से उतरने वाली है ज‍िसके ल‍िए पहले बीजेपी के प्रदेश अध्‍यक्ष को बदला और अब नेता प्रत‍िपक्ष के बदलने की बात सामने आ रही है. 

नई द‍िल्‍ली: बीजेपी छत्‍तीसगढ़ में 2023 में हर हालत में कमल ख‍िलाना चाहती है, इसके ल‍िए प्रदेश में राजनीत‍िक बदलाव तेज हो रहे हैं. अभी कुछ द‍िन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्‍यक्ष को बदला था और नेता प्रत‍िपक्ष को लेकर भी बदलाव की बात कही जा रही है.

बुधवार को हो रही है अहम बैठक

इसे लेकर बुधवार को बीजेपी व‍ि‍धायक दल की अहम बैठक होने जा रही है. इसमें नए नेता प्रत‍िपक्ष को लेकर फैसला हो सकता है. प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने के बाद से नेता प्रतिपक्ष बदले जाने को लेकर सरगर्मी तेज नजर आ रही हैं.

नेता प्रत‍िपक्ष के ये हो सकते हैं दावेदार

बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल रायपुर पहुंच गए हैं. 17 अगस्त को प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में नए नेता प्रतिपक्ष को लेकर मंथन किया जाएगा. हालांकि नेता प्रतिपक्ष बदले जाने की चर्चा जारी है. छत्‍तीसगढ़ की विधानसभा में 90 में से वर्तमान में भाजपा के सिर्फ 14 विधायक हैं. सदन में भाजपा विधायकों की संख्या 14, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) के 3 और बहुजन समाज पार्टी के 2 विधायक हैं. वहीं कांग्रेस के व‍िधायकों की संख्‍या 71 है. नारायण चंदेल का नाम एक बार फिर आगे बढ़ाया जा रहा है. वहीं बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा का नाम सामने आ रहे हैं.

छत्‍तीसगढ़ बीजेपी में चल रही है बदलाव की बयार

दरअसल, छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय की जगह अरुण साव को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. अरुण साव के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने दिल्ली पहुंचकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. इसके बाद से ही स‍ियासी गल‍ियारों में चर्चाओं का दौर गर्म है क‍ि अब नेता प्रत‍िपक्ष में बदलाव तय है. छत्तीसगढ़ में अब चेहरे को लेकर भी सियासत हो रही है.

छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस के कमेंट पर बीजेपी ने क‍िया था पलटवार

इससे पहले कांग्रेस का कहना था कि प्रदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कद का कोई नेता नहीं है, जबकि बीजेपी का कहना है कि पार्टी में बघेल के कद के कई नेता है. बीजेपी जिसे भी जिम्मेदार देगी वह अपना कर्तव्य निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा था, ”भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता भूपेश बघेल के कद का है, जिसको भी पार्टी नेतृत्व जिम्मा देगी वो भूपेश बघेल से बड़े कद का साबित होगा. प्रदेश बीजेपी में सभी नेता काबिल है और सभी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए के तैयार हैं.’

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