
रांची . बहुचर्चित चारा घोटाले के अंतिम और आरोपियों की संख्या में सबसे बड़े मामले में दोषी करार दिए गए 35 अभियुक्तों को शुक्रवार को अदालत ने चार-चार साल कैद की सजा सुनाई. साथ ही 75 हजार से लेकर एक करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया.
सबसे अधिक एक करोड़ जुर्माना तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ गौरी शंकर प्रसाद पर लगाया गया, जबकि उन्हीं के बेटे आपूर्तिकर्ता शरद कुमार पर 40.40 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया. यह मामला डोरंडा ट्रेजरी से 36.60 करोड़ की अवैध निकासी से जुड़ा है.
जुर्माने की राशि नहीं देने पर नौ लोक सेवकों को डेढ़ साल और 26 आपूर्तिकर्ताओं को एक साल अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत में शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान तीन अभियुक्त को छोड़ अन्य अभियुक्त व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे. जो अभियुक्त उपस्थित नहीं हुए, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था.
सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक रविशंकर ने आरोप के अनुसार अधिकतम सजा की मांग की. वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने स्वास्थ्य एवं उम्र को देखते हुए कम-से-कम सजा देने का अनुरोध किया.
36.60 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है मामला डोरंडा कोषागार से 36 करोड़ 60 लाख रुपये की कपटपूर्ण निकासी से जुड़े मामले (चारा कांड संख्या आरसी 48ए/96 में) में यह सजा सुनाई गई है. अदालत ने 35 अभियुक्तों को 28 अगस्त को दोषी पाकर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया था.
अदालत ने नौ लोक सेवकों को भादवि की धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दोषी पाकर सजा सुनाई है. दोषी करार एक अभियुक्त सुरेश दुबे फरार हैं. गिरफ्तारी या सरेंडर के बाद उसे सजा सुनाई जाएगी. उसके खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर किया है.
सभी पर जुर्माना भी लगाया
नौ लोक सेवक का जुर्माना (सभी तत्कालीन) जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. गौरी शंकर प्रसाद (90) पर एक करोड़ जुर्माना, बजट एवं लेखा पदाधिकारी नित्यानंद कुमार सिंह (84) पर पांच लाख, पशुपालन विभाग के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जुनूल भेंगराज (75) पर पांच लाख, सहायक निदेशक डॉ. कृष्ण मोहन प्रसाद (83) पर पांच लाख, क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक डॉ राधारमण सहाय (86) पर पांच लाख, कोषागार पदाधिकारी महेंद्र प्रसाद (74) पर तीन लाख, देवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव (71) पर तीन लाख, सुअर पालन विभाग के मैनेजर डॉ. रवींद्र कुमार सिंह (72) पर 75 हजार और विलेज ऑफिसर डॉ. फणींद्र कुमार त्रिपाठी(85) पर 75 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया.






