नामी कंपनी की साइट से नम्बर पता कर ऑर्डर किया सामान, न पते पर पहुंचा, न पैसा वापस

दुर्ग पुलिस ने दर्ज किया केस

दुर्ग पुलिस ने एक ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज किया है। आरोपी ने मेसर्स लक्ष्मी इंडस्ट्रीज सूरत की साइट की हूबहू क्लोन साइट तैयार की थी। इसके जरिए वह एक जानी मानी कंपनी के नाम के आड़ में ठगी का काम करता था। जामुल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत जुर्म दर्ज किया है।

जामुल टीआई गौरव पांडेय ने बताया कि सुंदर विहार कालोनी निवासी अभय कुमार शुक्ला पेशे से सिविल कांट्रेक्टर है। उसने शनिवार को थाने में 3 लाख से अधिक की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज कराया है। शुक्ला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बीएसपी के पंडित जवाहर लाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र की छत पर एपीपी मेंब्रेन लगाने का कार्य कर रहा है। इसके लिए उसे एपीपी मेंब्रेन की आवश्यकता थी।
उसके सुपरवाइजर योगेन्द्र साहू ने इंटरनेट के जरिए इंडिया मार्ट की साइट में इस प्रोडक्ट को सर्च किया। उसने बताया कि सूरत की कंपनी मेसर्स लक्ष्मी इंडस्ट्रीज में एपीपी मेंब्रेन मिल जाएगा। अभय ने साइट में मिले कंपनी के मालिक अमित साहनी का मोबाइल नम्बर 8400573307 पर 7 जनवरी को कॉल किया। अमित साहनी ने रेट तय होने के बाद 6.30 लाख रुपए का इनवाइस लेटर जीएसटी नंबर के साथ भेजा। जीवित जीएसटी नंबर चेक करके अभय शुक्ला को विश्वास हो गया और वह उसके झांसे में आ गया।
डील तय हो जाने के बाद अभय शुक्ला ने कंपनी के बैंक ऑफ बड़ौदा के दिए खाता नंबर में 3.10 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। एडवांस राशि मिलने के बाद अमित शाहनी ने समान ही नहीं भेजा। इसके बाद अभय सूरत जाकर इनवाइस में दिए गए पते पर पहुंचा तो पता चला कि उस कंपनी में एपीपी मेंम्ब्रेन का व्यापार ही नहीं होता है। तब उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गया।

Related Articles

Back to top button