समिति तय करेगी सीएए के तहत किसे मिले नागरिकता

नागरिकता संशोधित अधिनियम (सीएए) के तहत भारतीय नागरिकता मांगने वाले आवेदनों पर अधिकार प्राप्त समिति तय करेगी कि किसे नागरिकता देनी है. इस अधिकार प्राप्त समिति की अध्यक्षता निदेशक (जनगणना संचालन) करेंगे. यह समिति हर जिले में काम करेगी .

सोमवार को इस संबंध में जारी अधिसूचना में कहा गया कि निदेशक के अलावा पैनल में सात अन्य सदस्य भी होंगे. इन सदस्यों में इंटेलिजेंस ब्यूरो, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरपीओ), राज्य सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के पोस्ट मास्टर जनरल या नामित एक डाक अधिकारी को रखा जाएगा.

इसके अलावा, संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के प्रधान सचिव (गृह) या अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और क्षेत्राधिकार मंडल रेलवे प्रबंधक के एक प्रतिनिधि को समिति में आमंत्रित किया जाएगा. अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि समितियों के लिए अध्यक्ष सहित एक प्रतिनिधि भी होगा, जो नायब तहसीलदार या जिला कलेक्टर के कार्यालय के समकक्ष पद से नीचे का नहीं होगा. समिति में कुछ विशेषज्ञ सदस्य होंगे. इन सदस्यों के सामने नागरिकता लेने के लिए आवेदन करने वाले को खुद उपस्थित होना पड़ेगा. सरकार द्वारा जारी किया गए फॉर्म को ऑनलाइन ही भरने का प्रावधान किया गया है.

प्रदेश स्तर पर भी बनेगी कमेटी वहीं, प्रदेश स्तर पर डायरेक्ट सेंसस इस प्रक्रिया की अगुवाई करेगा. इस कमेटी में इंटेलिजेंस ब्यूरो के डिप्टी सेक्रेटरी स्टार के अधिकारी भी होंगे, एफआरआरओ के अधिकारी होंगे, स्टेट इंफॉर्मेशन ऑफीसर, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का पोस्टमास्टर जनरल होगा.

राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी अधिकार समिति इसी तरह जिले स्तर पर अधिकार समिति का गठन होगा, जो अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी. जिला स्तर पर आवेदकों का वेरिफिकेशन किया जाएगा और जिन्हें भारतीयता के निष्ठा के प्रति एक विशिष्ट फॉर्म भरना होगा. जिला स्तर पर जो एंपावर्ड कमेटी बनेगी वो सुनिश्चित करेगी कि आवेदक को भारतीय नागरिकता दी जाए या नहीं. सबसे महत्वपूर्ण बात इस नोटिफिकेशन में यह है कि जिला स्तर पर ही इस एंपावर्ड कमेटी को अधिकार होगा कि आवेदकों को भारतीय नागरिकता दी जाए या नहीं.

आवेदन करने से पहले भारत में एक साल लगातार रहना अनिवार्य अधिसूचित नियमों के अनुसार, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 के तहत भारतीय राष्ट्रीयता चाहने वाले लोग आवेदन की तारीख से पहले देश में कम से कम 12 महीने लगातार बिताने के बाद आवेदन करने के पात्र बन जाएंगे.

अभी किन राज्यों में विदेशियों को नागरिकता देने का प्रावधान नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत 9 राज्यों के 30 से अधिक जिला मजिस्ट्रेट और गृह सचिवों को नागरिकता देने के अधिकार दिए गए हैं. ये राज्य हैं- गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र.

लगातार मिल रही नागरिकता वर्ष 2018, 2019, 2020 और 2021 के दौरान पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए कुल 3,117 अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी गई. हालांकि आवेदन 8,244 मिले थे. वहीं, गृह मंत्रालय की 2021-22 की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-दिसंबर 2021 में कुल 1,414 विदेशियों को भारतीय नागरिकता दी गई.

सीएए नियमों के अनुसार क्या है प्रक्रिया?

  • धारा 6 बी के तहत पंजीकरण के लिए आवेदक द्वारा केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचित जिला स्तरीय समिति से अधिकार प्राप्त समिति को प्रस्तुत किया जाएगा.

 

  • नामित अधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति आवेदन के साथ आवेदक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन करेगी.

 

  • नामित अधिकारी आवेदक को नागरिकता अधिनियम, 1955 की दूसरी अनुसूची में मौजूद निष्ठा की शपथ दिलाएगा. फिर शपथ पर हस्ताक्षर करेगा और सत्यापन के संबंध में पुष्टि के साथ अधिकार प्राप्त समिति दस्तावेज को डिजिटल तौर पर प्रेषित करेगा.

 

  • यदि कोई आवेदक हस्ताक्षर करने और निष्ठा की शपथ लेने के लिए व्यक्तिगत तौर से उपस्थित होने में विफल रहता है, तो जिला-स्तरीय समिति ऐसे आवेदन को इनकार पर विचार करने के लिए अधिकार प्राप्त समिति को भेजेगी.

 

  • नियम 11ए में मौजूद अधिकार प्राप्त समिति धारा 6बी के तहत आवेदक द्वारा प्रस्तुत पंजीकरण नागरिकता प्रदान करने के लिए आवेदन की जांच कर सकती है ताकिसुनिश्चित किया जा सके कि आवेदन सभी प्रकार से पूर्ण है और सभी शर्तों को पूरा किया गया है.

आवेदन के साथ कौन से आवश्यक विशेष दस्तावेज लगेंगे?

  • नए नियमों के अनुसार, भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों को दो विशेष दस्तावेज जमा करने होंगे.

 

  • भारतीय नागरिक को आवेदक के चरित्र के बारे में शपथ पत्र से गवाही देनी होगी.

 

  • आवेदक को संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध भाषाओं में से किसी एक का पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए.

 

धारा 6बी के तहत नागरिकता के लिए कौन आवेदन नहीं कर सकता है?

 

  • अगर संबंधित शख्स का भारतीय मूल का है

 

  • संबंधित व्यक्ति का विवाह भारतीय नागरिक से हुआ हो

 

  • भारतीय नागरिक की नाबालिग संतान होने पर

 

  • माता-पिता भारत के नागरिक के रूप में पंजीकृत होने पर

 

  • वह व्यक्ति या उसके माता-पिता में से कोई एक स्वतंत्र भारत का नागरिक रहा हो

 

  • संबंधित व्यक्ति भारत के प्रवासी नागरिक कार्डधारक के रूप में पंजीकृत हो

 

 

नागरिकता के लिए आवेदन फॉर्म 8ए में क्या देनी होगी जानकारी?

 

  • तीसरी अनुसूची के प्रावधानों के तहत पंजीकरण की योग्यताओं को पूरा करने वाले किसी व्यक्ति को नागरिकता प्रदान करने के लिए आवेदन फॉर्म 8ए में दिया जाता है, जिसमें लिखा है कि व्यक्ति को यह घोषणा भी करनी होगी कि उसका आवेदन स्वीकृत होने पर उसके देश की नागरिकता अपरिवर्तनीय रूप से त्याग दी जाएगी.

 

 

 

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