Nationalअन्य ख़बरें

कच्चा तेल सात महीने में सबसे सस्ता, फिर भी देश में नहीं घट रहे दाम

अंतरार्ष्ट्रीय बाजार में पिछले दिनों कच्चे तेल के दाम में नरमी आने से पेट्रोल और डीजल के के दाम रोज कम हो रहे हैं, जिससे त्योहारी सीजन में देश के आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिलेगी. तेल विपणन कंपनियों ने लगातार पांचवें दिन सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की, जिसके बाद दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल 13 पैसे जबकि डीजल 12 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है.

मंदी की आशंका के बीच मांग पर असर पड़ने से ब्रेंट क्रूड फरवरी के बाद पहली बार पिछले हफ्ते 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया था. हालांकि अब यह  सुधरकर 92.84 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है जोकि छह महीने का सबसे निचला स्तर है. रूस के उत्तरी पाइपलाइन को बंद करने और तेल उत्पादक देशों के गठजोड़ ओपेक के तेल उत्पादन में कमी करने जैसे कारकों के बावजूद तेल की कीमतों में गिरावट की स्थिति बनी हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद भारत में पेट्रोल, डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कीमतों को बीते 158 दिनों से एक बिंदु पर स्थिर रखा गया है.

देश की राजधानी क्षेत्र दिल्ली में इन पांच दिनों के दौरान पेट्रोल 85 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है और डीजल का दाम 58 पैसे प्रति लीटर घट गया है. इंडियन ऑयल की बेवसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम घटकर क्रमश: 73.76 रुपये, 76.40 रुपये, 79.37 रुपये और 76.61 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. चारों महानगरों में डीजल के दाम भी घटकर क्रमश: 66.09 रुपये, 69.27 रुपये, 70.14 रुपये और 71.68 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.

तेजी से ऊपर जा रही महंगाई को नियंत्रित करने लिए पांच महीने से सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने पेट्रोल की अंतरराष्ट्रीय कीमत के साथ खुदरा बिक्री मूल्य को समायोजित करने के अपने अधिकार का प्रयोग नहीं किया है. कुछ समय पूर्व अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी के चलते डीजल पर 20-25 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 14-18 रुपये प्रति लीटर का नुकसान झेल रही थीं. कीमतों में गिरावट ने नुकसान को कम कर दिया है. अब तेल कंपनियों को उस समय सीमा में हुए नुकसान की भरपाई करने की अनुमति दी जा रही है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!