डॉ अनमोल रतन सिद्धू बने नए महाधिवक्ता, पदभार ग्रहण कर लिया यह संकल्प…

कानूनी क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती अनमोल रतन सिंह सिद्धू ने आज, शनिवार को पंजाब के महाधिवक्ता के रूप में अपना पद ग्रहण कर लिया है। पंजाब के महाधिवक्ता अनमोल रतन सिंह सिद्धू ने नशा के खिलाफ जंग में अपना योगदान देते हुए नशा करने वालों के इलाज और पुनर्वास के लिए अपना वेतन दान करने का संकल्प लिया है।

इसका खुलासा करते हुए आज यहां महाधिवक्ता ने कहा कि वह इस नेक कार्य की शुरुआत अमृतसर (पूर्व) विधायक जीवन ज्योत कौर के नेतृत्व में ग्राम मकबूलपुरा से करेंगे।

अनमोल रतन सिद्धू का जन्म 1 मई 1958 (मजदूर दिवस) को एक किसान परिवार में हुआ था। अपनी प्राथमिक शिक्षा गाँव के स्कूल से प्राप्त करने के बाद, सिद्धू 1975 में जीवन में अपना नाम बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ चंडीगढ़ चले गए और अपनी उच्च शिक्षा गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-11, चंडीगढ़ से प्राप्त की। राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने के बाद, उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई की और एलएलएम किया और पीएचडी(कानून) की डिग्री भी ली।

वह कॉलेज के शुरुआती दिनों में एक सामाजिक-राजनीतिक छात्र थे। इसके बाद, उन्होंने लगातार 1990 वर्षों (12 वर्ष) के लिए सीनेट और सिंडिकेट के निर्वाचित सदस्य के रूप में कार्य किया और 2003-04 में डीन फैकल्टी ऑफ लॉ के रूप में भी कार्य किया। 1985 में अपने कानूनी करियर की शुरुआत करते हुए, सिद्धू को 1993 में डिप्टी एडवोकेट जनरल, पंजाब के रूप में नियुक्त किया गया और 2005 तक अपने कर्तव्यों को पूरी लगन से निभाते रहे। अतिरिक्त महाधिवक्ता (पंजाब और हरियाणा) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने माननीय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में कई अत्यधिक संवेदनशील सरकारी और निजी मामलों को निपटाया, जिसमें संवैधानिक, आपराधिक, सिविल, सेवा और भूमि मामले शामिल थे।

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