देश को मिली-जुली सरकार की जरूरत नहीं मोदी

नई दिल्ली . लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों की पसंद भाजपा है. उनके बीच इस बात पर आम सहमति है कि देश को मिली-जुली सरकार की जरूरत नहीं है. ऐसी सरकारों से लोगों को हानि हुई है और दुनिया में भारत की छवि खराब हुई है.

एक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी की गारंटी चुनाव जीतने के लिए बनाया गया कोई फॉर्मूला नहीं है, बल्कि यह गरीबों का भरोसा है. आज देश का हर गरीब जानता है कि मोदी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेंगे. गरीबों का यह विश्वास मुझे ऊर्जा देता है कि भले ही मैं खुद को पूरी तरह से थका दूं या अपनी सीमा से आगे निकल जाऊं, लेकिन मैं इस विश्वास को टूटने नहीं दूंगा.

2024 के आम चुनावों के बारे में विश्वास जताते हुए मोदी ने कहा कि लोगों, विशेषज्ञों और मीडिया के दोस्तों के बीच भी इस बात पर आम सहमति है कि हमारे देश को मिली-जुली सरकार की जरूरत नहीं है. इससे उत्पन्न अस्थिरता के कारण हमने 30 साल गंवा दिए हैं.

मोदी ने कहा कि लोगों ने मिली-जुली सरकार के युग में शासन की कमी, तुष्टीकरण की राजनीति को देखा है. इससे लोगों में आशावाद की हानि हुई.

पार्टी के लिए नया नहीं

तीन राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के रूप में नए चेहरों को चुनने के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा कि यह एक ताजा प्रवृत्ति की तरह लग सकता है, लेकिन यह पार्टी के लिए नया नहीं है. वह भाजपा के भीतर इस प्रथा का सबसे अच्छा उदाहरण हैं. जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तो उनके पास कोई पूर्व प्रशासनिक अनुभव नहीं था और वह विधानसभा के लिए भी निर्वाचित नहीं हुए थे. आज अधिकांश अन्य पार्टियां परिवारवादी पार्टियां हैं.

देश के हर कोने में पार्टी को समर्थन

यह पूछे जाने पर कि भाजपा किसी भी बड़े दक्षिणी और पूर्वी राज्य में शासन नहीं कर रही है. इस पर प्रधानमंत्री ने कहा, देश का कोई कोना नहीं है जहां हमारी पार्टी को समर्थन नहीं है. उन्होंने कहा कि केरल में स्थानीय निकायों से लेकर कई राज्यों में प्रमुख विपक्ष होने तक, हमारी पार्टी लोगों के बीच मजबूती से काम कर रही है. भाजपा 16 राज्यों में शासन करती है और आठ में प्रमुख विपक्ष है.

ज्ञान पर ध्यान देने से विकसित भारत बनेगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ज्ञान पर ध्यान देंगे, ज्ञान को सम्मान देंगे तो विकसित भारत बनेगा. ज्ञान का मतलब है जी फॉर गरीब, वाई फॉर युवा, ए फॉर अन्नदाता, एन फॉर नारी शक्ति. 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए ज्ञान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. बोले, मैं लोगों के बीच आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को एक विकसित देश बनाने के प्रति आशावाद से देखता हूं.

 

 

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